उत्तराखंड में 60 साल तक बन सकेंगे राफ्टिंग गाइड, पर्यटन विभाग ने भेजा नियमावली संशोधन प्रस्ताव
उत्तराखंड में राफ्टिंग गाइड बनने की अधिकतम आयु सीमा 50 से बढ़ाकर 60 वर्ष की जा सकती है। पर्यटन विभाग ने नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। साथ ही गाइडों के लिए CPR प्रशिक्षण और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त सुरक्षा राफ्ट की व्यवस्था भी अनिवार्य की जा सकती है।
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देहरादून। उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने व स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने की दिशा में पर्यटन विभाग बड़ा कदम भी उठाने जा रहा है। विभाग ने रिवर राफ्टिंग व कयाकिंग नियमावली-2014 में संशोधन का प्रस्ताव तैयार भी कर शासन को भी भेज दिया है। प्रस्ताव को आगामी कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए भी लाया जा सकता है।
पर्यटन विभाग ने राफ्टिंग गाइड लाइसेंस के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष से बढ़ाकर 60 वर्ष करने का प्रस्ताव भी रखा है। विभाग का मानना है कि 50 से 60 वर्ष आयु वर्ग के कई अनुभवी व शारीरिक रूप से फिट लोग राफ्टिंग गतिविधियों में दक्ष हैं, जिन्हें लाइसेंस मिलने से रोजगार के बेहतर अवसर भी मिल सकेंगे।
उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन को व्यवस्थित व सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2014 में पहली बार रिवर राफ्टिंग एवं कयाकिंग नियमावली लागू भी की गई थी। इसके बाद वर्ष 2015 से 2020 के बीच 4 बार नियमों में संशोधन भी किए गए। अब पर्यटकों की बढ़ती संख्या, सुरक्षा आवश्यकताओं व स्थानीय रोजगार को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर बदलाव प्रस्तावित भी किए गए हैं।
CPR प्रशिक्षण होगा अनिवार्य
पर्यटकों की सुरक्षा को और भी मजबूत करने के लिए सभी राफ्टिंग गाइडों के लिए सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण अनिवार्य करने का प्रस्ताव तैयार भी किया गया है। इससे किसी आपात स्थिति में गाइड तुरंत प्राथमिक जीवन रक्षक सहायता प्रदान भी कर सकेंगे।
राफ्ट के साथ चलेगी अतिरिक्त सुरक्षा राफ्ट
नियमावली में सुरक्षा के लिहाज से एक और महत्वपूर्ण भी बदलाव प्रस्तावित है। इसके तहत पर्यटकों को लेकर चल रही राफ्ट के पीछे एक खाली सुरक्षा राफ्ट भी साथ चलेगी। यदि किसी कारणवश राफ्ट पलट जाती है या कोई पर्यटक नदी में गिर भी जाता है, तो तत्काल बचाव अभियान भी चलाया जा सकेगा।
टौंस नदी में राफ्टिंग को मिलेगा बढ़ावा
पर्यटन विभाग साहसिक पर्यटन के नए केंद्र विकसित करने की दिशा में काम भी कर रहा है। इसी क्रम में टौंस नदी में राफ्टिंग गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना भी बनाई गई है। विभाग का मानना है कि टौंस नदी राफ्टिंग के लिए बेहद उपयुक्त व रोमांचक गंतव्य साबित भी हो सकती है।
योजना के तहत इसी वर्ष टौंस वैली में साहसिक पर्यटन को लेकर विशेष कार्यक्रम आयोजित भी किए जाएंगे, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों व स्थानीय रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा।
कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल ने बताया कि रिवर राफ्टिंग व कयाकिंग नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भी भेज दिया गया है। प्रस्ताव में पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि आगामी कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी के लिए प्रस्तुत भी किया जाएगा।
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