अल्मोड़ा-रामनगर में बारिश का कहर: भिकियासैंण में ग्रामीण घायल, रामनगर में उफनते गदेरे ने रोकी एंबुलेंस
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
अल्मोड़ा/रामनगर। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। मंगलवार शाम अल्मोड़ा जिले के भिकियासैंण-बासोट मोटर मार्ग पर अचानक पहाड़ी से गिरे पत्थरों की चपेट में आकर एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल भी हो गया। पीपलगांव निवासी फकीर सिंह बाजार से घर लौट रहे थे कि अचानक ऊपर से बोल्डर आ गिरा और वह सड़क पर ही दबकर घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें तत्काल सीएचसी भिकियासैंण पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर में रेफर किया गया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग पर अक्सर पत्थर गिरते रहते हैं, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा दीवार या चेतावनी संकेतक ही नहीं लगाए हैं। लोगों ने मांग की है कि यहां सुरक्षा जाली, बैरिकेड व नियमित निगरानी टीम तैनात की जाए ताकि हादसों से बचा भी जा सके।
इधर, रामनगर-भंडारपानी मार्ग पर टेड़ा गांव के पास भारी बारिश से बरसाती नाला भी उफान पर आ गया। पानी सड़क पर फैलने से घंटों तक यातायात ठप रहा व दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें भी लग गईं। इस बीच 108 एंबुलेंस, जो अमगढ़ी पाटकोट से एक मरीज को लेकर आ रही थी, नाले के किनारे फंस गई व घंटों तक वहीं पर रुकी रही। मरीज व परिजनों को खासी परेशानी भी झेलनी पड़ी।
हालात बिगड़ते ही कुछ वाहन चालकों ने लापरवाही दिखाते हुए नाले को पार करने की कोशिश भी की। एक पिकअप चालक तेज बहाव में वाहन उतार बैठा, जो बीच धारा में लड़खड़ाने भी लगा। गनीमत रही कि चालक ने किसी तरह वाहन संभाल लिया, वरना बड़ा हादसा भी हो सकता था। इसके बाद अन्य वाहनों ने भी जोखिम उठाया और कई गाड़ियां बीच धारा में फंसने से बाल-बाल भी बचीं।
स्थानीय निवासी नमित अग्रवाल ने बताया कि
हर बरसात में यह नाला लोगों के लिए संकट भी बनता है। प्रशासन की चेतावनियों के बावजूद लोग लापरवाही बरतते हैं और अपनी जान को जोखिम में डालते हैं।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट भी जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं व उफान पर आए बरसाती नाले पार करने का जोखिम न लें।




