STF का बड़ा खुलासा: साइबर अपराधियों के म्यूल अकाउंट नेटवर्क पर कार्रवाई, 6 मुकदमे दर्ज
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-includes/formatting.php on line 4731
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत म्यूल अकाउंट्स के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश भी किया है। पिछले 2 दिनों में की गई कार्रवाई में 4 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि पिछले 1 माह के दौरान कुल 6 अभियोग पंजीकृत कर 10 नामजद आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा चुकी है।
कैसे हुआ नेटवर्क का खुलासा
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में संदिग्ध बैंक खातों की गहन जांच भी की जा रही थी। जांच में NCRP पोर्टल, समन्वय पोर्टल, I4C इनपुट्स, बैंकिंग रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य व मनी ट्रेल एनालिसिस का उपयोग भी किया गया। इसी दौरान एक ऐसे संगठित गिरोह का पता चला जो साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करने व उसे छिपाने का काम कर रहा था।
जांच में इस्तेमाल किए गए प्रमुख स्रोत
NCRP पोर्टल, समन्वय पोर्टल, I4C इनपुट्स, बैंकिंग रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य व मनी ट्रेल एनालिसिस।
क्या सामने आया
एक संगठित गिरोह साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराकर ठगी की रकम को विभिन्न खातों में ट्रांसफर व छिपाने का काम कर रहा था।
क्या है म्यूल अकाउंट का खेल?
जांच में सामने आया कि गिरोह आर्थिक रूप से कमजोर व मजदूर वर्ग के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने या पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाता भी था। कई मामलों में पहले से संचालित खातों की नेट बैंकिंग, एटीएम कार्ड, चेकबुक व अन्य बैंकिंग सुविधाएं हासिल कर उन्हें साइबर अपराधियों के उपयोग के लिए उपलब्ध भी कराया जाता था।
इन खातों का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, निवेश धोखाधड़ी, शेयर मार्केट फ्रॉड, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड, टास्क फ्रॉड व अन्य साइबर अपराधों से अर्जित रकम को वास्तविक अपराधियों तक पहुंचाने के लिए भी किया जा रहा था। बिहार, केरल, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र व तमिलनाडु समेत कई राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों की शिकायतें इन खातों से जुड़ी भी पाई गई हैं।
नई एफआईआर और कानूनी कार्रवाई
8 जून को साइबर क्राइम थाना देहरादून व कुमाऊं में तीन नई एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें 4 आरोपियों को नामजद किया गया है, जबकि उनके अन्य सहयोगियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है।
पिछले 2 दिनों में दर्ज मुकदमे = 4
पिछले एक माह में कुल अभियोग = 6
नामजद आरोपी = 10
प्रारंभिक जांच व डिजिटल एवं वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66C व 66D के तहत मुकदमे भी दर्ज किए गए हैं। एसटीएफ इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्ध व्यक्तियों, बैंक खातों व संभावित बैंक कर्मियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
एसटीएफ की जनता से अपील
अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग की जानकारी किसी को भी न दें।
कमीशन या लालच के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराना गंभीर अपराध भी है।
ऐसे मामलों में खाताधारक के खिलाफ मुख्य अपराधी जितनी सख्त कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने कहा कि म्यूल अकाउंट्स व साइबर अपराधियों के नेटवर्क के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे तत्वों पर कठोरतम कार्रवाई भी की जाएगी।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-includes/formatting.php on line 4731




