उत्तराखंड

जोशीमठ पुनर्वास को लेकर इन बिंदुओं पर बनी है सहमति, मुख्य सचिव ने भी दिया कार्रवाई का भरोसा


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

आपदा प्रभावितों के पुनर्वास व विस्थापन को लेकर जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति की शासन स्तर पर हुई मुलाकात में कुछ बिंदुओं पर सहमति भी बनी है। समिति के पदाधिकारियों ने जोशीमठ पहुंचकर पत्रकार वार्ता में इसकी जानकारी भी दी है। जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल देहरादून में बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी के नेतृत्व में मुख्य सचिव व आपदा प्रबंधन सचिव से भी मिला। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस मुलाकात में मुख्य सचिव और आपदा सचिव ने कुछ बिंदुओं पर सहमति भी जताई है। जिसमें हमने प्रभावितों को जोशीमठ के आसपास विस्थापित करने के लिए भूमि को लेकर भी सुझाव दिए। मुख्य सचिव व सचिव ने शीघ्र कार्रवाई का भरोसा भी दिया। कुछ बिंदुओं पर अभी सहमति बनना अब भी शेष है। इस दौरान समिति के संरक्षक अतुल सती, अध्यक्ष शैलेंद्र पंवार, संजय उनियाल, नैन सिंह भंडारी, हरीश भंडारी और जयदीप मेहता सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

इन बिंदुओं पर बनी है सहमति

आधे-अधूरे विकल्प पत्र वापस लेने व उनमें अन्य विकल्पों को भी शामिल किया जाए।, जिनके पास भवन हैं, लेकिन जमीन उनके नाम नहीं है ऐसे लोगों के लिए भूमि उपलब्ध कराई जाए।, होम स्टे को कुछ शर्तों के साथ ही व्यावसायिक श्रेणी से भी हटाया जाए।, परंपरागत भवनों, टिन शेड और कच्चे भवनों का मूल्य तुरंत निर्धारित किया जाए।, राजीव आवास और पीएम आवास के प्रभावित भवनों का तुरंत भुगतान किया जाए।, होटल, दुकान आदि व्यवसाय वाले लोगों को विस्थापन वाली जगह पर भी इसकी व्यवस्था हो।, सुरक्षित कृषि भूमि का जो भुगतान चाहते हैं उन्हें भुगतान किया जाए, जो स्वामित्व अपने पास रखना चाहते हैं उन्हें रखने की अनुमति भी दी जाए।, जोशीमठ बचाओ संघर्ष समिति ने मुख्य सचिव और आपदा सचिव से देहरादून में मुलाकात की।


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button