कारगिल विजय दिवस: देहरादून में शहीदों को श्रद्धांजलि, वीरांगनाओं को किया गया सम्मानित | सीएम धामी ने की कई बड़ी घोषणाएं
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देहरादून। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पूरे देश में शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी जा रही है। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भी गांधी पार्क स्थित शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम में सीएम पुष्कर सिंह धामी, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, कारगिल युद्ध के सेनानायक व कई सैनिक भी शामिल हुए। इस मौके पर कारगिल में शहीद हुए उत्तराखंड के 75 वीर सपूतों को नमन किया गया और उनकी वीरांगनाओं को सम्मानित भी किया गया।
1999 की जंग, अमर हुए बलिदान
वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ लड़े गए कारगिल युद्ध में भारत के 527 जवान शहीद भी हुए थे, जिनमें उत्तराखंड के 75 वीर जवानों ने भी अपने प्राणों की आहुति भी दी।
उत्तराखंड से शहीद हुए जवानों का आंकड़ा इस प्रकार है:
- देहरादून: 25
- टिहरी: 12
- पौड़ी: 13
- नैनीताल: 6
- चमोली: 5
- पिथौरागढ़: 4
- अल्मोड़ा: 3
- रुद्रप्रयाग: 3
- बागेश्वर: 2
- ऊधम सिंह नगर: 2
इनमें से 2 जवानों को महावीर चक्र, 9 को वीर चक्र, 15 को सेना मेडल, और 11 को मेंशन इन डिस्पैच से सम्मानित भी किया गया था।
सीएम धामी ने किया शहीदों को नमन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शहीदों की वीरता को याद करते हुए कहा कि
जिन उद्देश्यों के लिए जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, उन्हें पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता भी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड एक सैनिक बाहुल्य राज्य है और सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए केंद्र व राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।
कारगिल विजय दिवस पर सीएम धामी की बड़ी घोषणाएं:
- चमोली जिले के कालेश्वर में
- ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक का निर्माण
- सैनिक विश्राम गृह की स्थापना
- नैनीताल में
- सैनिक विश्राम गृह बनाया जाएगा
- उपनल योजना के तहत
- पूर्व सैनिकों को विदेशों में रोजगार देने की व्यवस्था की जाएगी
- इसमें 50% सिविलियन को भी शामिल किया जाएगा
- अब तक उपनल के माध्यम से 22,000 लोगों को रोजगार मिल चुका है
- इनकी नौकरी विनियमितीकरण की प्रक्रिया भी जल्द पूरी होगी
वीरांगनाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम में कारगिल युद्ध में शहीद हुए जवानों की वीरांगनाओं को सम्मानित भी किया गया। ये महिलाएं आज समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके परिवारों का मान-सम्मान व सुविधाएं सुनिश्चित करना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है।
कारगिल विजय दिवस न केवल वीरता की याद दिलाता है, बल्कि हर नागरिक को यह संकल्प लेने का अवसर भी देता है कि हम शहीदों के सपनों का भारत बनाने के लिए मिलकर कार्य भी करेंगे।
जय हिंद। जय उत्तराखंड।




