कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सरकार पर गन्ना खरीद मूल्य घोषित करने में हो रही देरी को लेकर तीखा हमला भी बोला है। उन्होंने कहा कि लगातार विलंब से किसान परेशान भी हैं। तंज कसते हुए रावत ने कहा—“गन्ना चूसना ठीक है, लेकिन किसानों को चूसना ठीक नहीं… उनकी मेहनत को भी चूसा जा रहा है।”

रावत ने आरोप लगाया कि पिछले वर्ष भी सरकार गन्ना मूल्य घोषित नहीं ही कर सकी थी और इस वर्ष भी किसान पुराने दामों पर गन्ना बेचने को मजबूर हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में नया गन्ना मूल्य घोषित भी कर दिया गया है, लेकिन उत्तराखंड के किसान अभी भी इंतज़ार ही कर रहे हैं।

पूर्व सीएम ने कहा कि गन्ने का उचित मूल्य 450 रुपये प्रति क्विंटल भी होना चाहिए।
उन्होंने घोषणा की कि गन्ना मूल्य घोषणा में हो रही देरी के विरोध में वह 27 नवंबर को अपने आवास पर मौन उपवास भी रखेंगे।