पौड़ी के खांड्यूसैंण में गुलदार के हमले में चार साल की मासूम की मौत के बाद हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान वन विभाग के अधिकारियों के साथ हुए विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। DFO महातिम यादव के साथ कथित धक्का-मुक्की और मारपीट के आरोप में वन विभाग ने कांग्रेस के स्थानीय नेता विनोद दनोसी समेत अन्य लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है।

दरअसल, मंगलवार 3 नवंबर की शाम खांड्यूसैंण कस्बे में घर के पास खेल रही चार वर्षीय आरुषि पर गुलदार ने हमला कर दिया था। इस हमले में मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद से ही स्थानीय लोगों में आक्रोश है। बुधवार को लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पौड़ी-देवप्रयाग राज्य राजमार्ग पर धरना-प्रदर्शन कर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र को गुलदारों के आतंक से मुक्त करने और तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। इसके चलते दोपहर तक सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।

प्रदर्शन की सूचना पर DFO महातिम यादव और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान अधिकारियों को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। DFO ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता विनोद दनोसी और अन्य लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। वहीं, वन विभाग की SDO आयशा बिष्ट को एक दुकान के अंदर बंद कर दिया गया। करीब आधे घंटे बाद प्रदर्शन में शामिल कुछ लोगों ने दुकान का शटर खोल दिया।

वहीं, पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी ने पत्रकार वार्ता कर इस पूरे घटनाक्रम को कांग्रेस की पूर्व नियोजित योजना बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि गुलदार की घटना के बाद उनका घेराव करने और उनके वाहन पर लाठियां मारने की योजना पहले से बनाई गई थी। विधायक ने कहा कि कांग्रेस के पास कोई जमीनी मुद्दा नहीं है और वह ऐसे मामलों के जरिए लोगों का ध्यान भटकाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने शोकाकुल माहौल का राजनीतिकरण किया।

विधायक राजकुमार पोरी के मुताबिक, पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने वन मंत्री से फोन पर बात कर गुलदार को शूट करने के आदेश जारी करने का अनुरोध किया था। उन्होंने बताया कि मामले को लेकर जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से भी बातचीत की गई है और घटना में शामिल लोगों को चिह्नित कर कार्रवाई करने की बात कही गई है।

उधर, गढ़वाल वन प्रभाग की SDO आयशा बिष्ट ने बताया कि घटना के बाद मंगलवार देर शाम ही गुलदार को शूट करने के आदेश जारी कर दिए गए थे। क्षेत्र में तीन विभागीय शूटर तैनात किए गए हैं और गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाए जा रहे हैं। साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजे की राशि भी उपलब्ध करा दी गई है।