देहरादून : उत्तराखंड एसटीएफ ने नकली जीवन रक्षक दवाइयों के बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए राजधानी देहरादून से डॉ. मित्तल लैबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक देवी दयाल गुप्ता को गिरफ्तार भी कर लिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने विभिन्न नामी ब्रांड्स की दवाइयों की हूबहू नकल कर भारी मात्रा में नकली दवाइयों का निर्माण भी किया और उन्हें संगठित तरीके से देशभर में सप्लाई भी कराया।

कार्रवाई की पृष्ठभूमि:

पुलिस को सूचना मिली थी कि कई प्रतिष्ठित ब्रांड्स जैसे ग्लेनमार्क, इंटास, आईपीसीए, अल्केम, डॉ. रेड्डीज, कैडिला आदि के नाम पर नकली दवाइयों की बिक्री भी की जा रही है। इससे न केवल जनता के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा था, बल्कि देश के राजस्व को भी भारी नुकसान हो रहा था।

इस मामले की एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर की निगरानी में गहन जांच भी शुरू की गई। जांच के दौरान 01 जून 2025 को एक आरोपी संतोष कुमार को भारी मात्रा में नकली आउटर बॉक्स, लेबल और QR कोड के साथ गिरफ्तार किया गया था।

अब तक इस मामले में 3 आरोपी — संतोष कुमार, नवीन बंसल व आदित्य काला को गिरफ्तार किया जा चुका था। वहीं, फैक्ट्री मालिक देवी दयाल गुप्ता लंबे समय से फरार भी चल रहा था।

गिरफ्तारी:

कड़ी मैनुअल पुलिसिंग के बाद STF ने 18 जुलाई 2025 को दिल्ली निवासी देवी दयाल गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया। वह गिरोह के मास्टरमाइंड नवीन बंसल को नकली दवाइयां सप्लाई भी करता था। गिरफ्तार आरोपी की फैक्ट्री से तैयार दवाइयां ट्रांसपोर्ट के जरिए हरियाणा, भिवाड़ी (राजस्थान) सहित उत्तर भारत के कई शहरों में भेजी भी जाती थीं।

चौंकाने वाले खुलासे:

  • वर्ष 2021 से 2025 तक करीब 1 करोड़ 42 लाख 30 हजार टैबलेट्स व 2 लाख कैप्सूल भी तैयार किए गए।
  • ये दवाइयां रीलिन फार्माटेक और बी केम बायोटेक जैसी फर्जी कंपनियों के नाम से सप्लाई भी की गईं।
  • प्रमुख दवाइयों में शामिल थीं:
    • Pantaprazole 40: 50.86 लाख टैबलेट्स
    • Diclocin SP: 15 लाख टैबलेट्स
    • Levocetirizine: 7.7 लाख टैबलेट्स
    • Prochlorperazine: 33.93 लाख टैबलेट्स
    • Amlodipine: 25.54 लाख टैबलेट्स
    • Accelo & Para: 6.05 लाख टैबलेट्स
    • Telmisartan: 4.5 लाख टैबलेट्स

इन दवाइयों को प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम व पैकिंग में बेचकर जनता को गुमराह भी किया गया।

गिरफ्तार आरोपी का विवरण:

  • नाम: देवी दयाल गुप्ता
  • पिता का नाम: स्व. बनारसी दास गुप्ता
  • निवास: B-3/70, अशोक विहार फेज-2, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली
  • पद: मालिक, Dr. Mittal Laboratories Pvt. Ltd.

आगे की कार्रवाई:

एसटीएफ इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों व नेटवर्क की भी जांच कर रही है। गिरोह का नेटवर्क उत्तर भारत के कई राज्यों तक फैला हुआ भी है। यह गिरफ्तारी नकली दवाइयों के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई भी मानी जा रही है।