उत्तराखंड

केदारनाथ में फटा बादल , 1835 लोगो को किया गया रेस्क्यू


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

केदारघाटी में अत्यधिक बारिश के बाद जिला प्रशासन द्वारा पूरी मुस्तैदी से रेस्क्यू कर यात्रियों को लगातार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। अब तक 375 यात्रियों का हैली के माध्यम से और 1460 यात्रियों का सफल मैनुअल रेस्क्यू किया जा चुका है। इनमें 40 महिलाएं और 25 बच्चे भी शामिल हैं। मौके पर उप जिलाधिकारी ऊखीमठ सहित एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ की टीमें मौजूद हैं जिनके द्वारा लगातार रेस्क्यू किया जा रहा है। वहीं अतिवृष्टि के बाद तीर्थ यात्रियों ने सरकार व जिला प्रशासन के द्वारा उपलब्ध कराई मदद की सराहना की है। दिल्ली के दिलशाद गार्डन शहर से केदारनाथ धाम की यात्रा पर आए ललित ने बताया कि वो दर्शन के बाद लौट रहे थे। उन्होंने बताया कि गौरीकुंड पहुंचने के बाद रात्रि को हुई अत्यधिक बारिश व अतिवृष्टि के बाद उन्हें 2013 का आपदा जैसा मंजर याद आ गया लेकिन उन्होंने प्रशासन की सराहना करते हुए कहा कि अतिवृष्टि के बाद जिला प्रशासन द्वारा काफी सक्रियता दिखाते हुए मदद की गई। बताया कि लगभग 3 किमी तक प्रशासन की टीमों द्वारा सफल रेस्क्यू किया गया जो अत्यंत सराहनीय है।

नेपाल से केदारनाथ धाम के दर्शन को पहुंचे तारकेश्वर सिंह ने बताया कि वह बीती श्यायं को गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए निकले थे और कुछ ही दूरी पर जाने के बाद पहले हल्की और फिर भारी बारिश होने से वह वहीं पर रुक गए। इसके बाद भीषण बाढ़ आने से वह रात भर वहीं रूक गए। उन्होंने बताया कि आज सुबह एनडीआरएफ की टीम के पहुंचते ही रेस्क्यू किया गया। जिला प्रशासन व रेस्क्यू टीमों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन व रेस्क्यू की टीमें पूरी तत्परता से राहत व बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन व रेस्क्यू में लगी समस्त रेस्क्यू टीमों को धन्यवाद ज्ञापित किया है।


Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button