सावन के अंतिम सोमवार पर हरिद्वार के प्राचीन बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर में सुबह से ही भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी रही। बड़ी संख्या में भक्त मंदिर पहुंचे और अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान के साथ भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान भक्तों ने पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की और भगवान शिव का आशीर्वाद लिया।

सावन सोमवार को भगवान शिव की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है। शास्त्रों में भी सावन सोमवार के व्रत और पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि सावन के दौरान पूजा-पाठ, दान और पुण्य कार्य करने से भगवान भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते हैं। श्रद्धा से शिवलिंग पर अर्पित किया गया जल भी महादेव को प्रिय माना जाता है।

बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। कई भक्तों ने भगवान शिव को जल, दूध और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की। हर-हर महादेव के जयकारों से मंदिर परिसर गूंजता रहा और श्रद्धालुओं में दर्शन व अभिषेक को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

बिल्वकेश्वर महादेव मंदिर हरिद्वार के प्राचीन शिव मंदिरों में शामिल है। सावन के दौरान यहां भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अंतिम सोमवार को भी मंदिर में भक्तों की भीड़ रही और दिनभर पूजा-अर्चना का सिलसिला जारी रहा।