दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नया ठिकाना: सिविल लाइंस का यह बंगला बनेगा सरकारी आवास
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को मिला नया सरकारी आवास, राजनिवास मार्ग पर होगा कैंप कार्यालय
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नई दिल्ली — दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को अंततः उनका आधिकारिक सरकारी आवास आवंटित भी कर दिया गया है। राजधानी के सिविल लाइंस इलाके के प्रतिष्ठित राजनिवास मार्ग स्थित बंगला नंबर 1/8 और 2/8 को मिलाकर यह नया सीएम आवास और कैंप कार्यालय भी तैयार किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इन बंगलों की मरम्मत व उन्नयन कार्य भी शुरू कर दिया है, जो आगामी दो माह में पूरा होने की संभावना भी है।
मुख्यमंत्री के पड़ोसी होंगे विधानसभा उपाध्यक्ष
राजनिवास मार्ग पर स्थित प्लॉट नंबर 8 में कुल 4 बंगले हैं। इनमें से बंगला नंबर 1 पहले उपराज्यपाल सचिवालय के उपयोग में था और बंगला नंबर 2 विधानसभा के मुख्य सचेतक अभय वर्मा को आवंटित था। अब ये दोनों बंगलों को मिलाकर मुख्यमंत्री आवास व कार्यालय के रूप में तैयार भी किया जा रहा है।
सीएम रेखा गुप्ता के पड़ोसी होंगे दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, जिन्हें बंगला नंबर 3 आवंटित है, जबकि बंगला नंबर 4 दिल्ली सरकार के मंत्री रविंद्र सिंह इंद्राज के लिए ही आरक्षित है।
निजी आवास से सरकारी निवास की ओर
मुख्यमंत्री बनने के 100 दिन से अधिक समय बाद रेखा गुप्ता को यह आवास आवंटित भी हुआ है। फिलहाल वे शालीमार बाग स्थित अपने निजी आवास में ही रह रही थीं। इस दौरान उन्हें डीडीयू मार्ग और सिविल लाइंस इलाके में कई सरकारी विकल्प भी दिखाए गए। यहां तक कि उन्होंने उत्तरी दिल्ली में स्थित ऐतिहासिक “सेशन हाउस” का भी निरीक्षण किया था। अंततः राजनिवास मार्ग के इस संयुक्त बंगले को मुख्यमंत्री आवास के रूप में चयनित भी किया गया है।
सुरक्षा और सुविधाएं
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को Z श्रेणी की सुरक्षा भी प्रदान की गई है। नया आवास 4 बेडरूम, बड़ा लिविंग रूम, ड्राइंग रूम, स्टाफ क्वार्टर व विस्तृत लॉन जैसी सुविधाओं से युक्त भी होगा। साथ ही कैंप कार्यालय भी यहीं स्थापित किया जा रहा है।
दिल्ली में अब तक के मुख्यमंत्री आवास
दिल्ली में अब तक किसी भी मुख्यमंत्री के लिए स्थायी आधिकारिक आवास निर्धारित ही नहीं रहा है। हर सीएम को अलग-अलग निवासों में रहना पड़ा है। पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल सिविल लाइंस स्थित 6 फ्लैग स्टाफ रोड में रहते थे, जिसका नवीनीकरण विपक्षी दल बीजेपी द्वारा बड़ा चुनावी मुद्दा भी बनाया गया था। बीजेपी ने उस आवास को “शीशमहल” कहकर निशाना साधा था। सीएम बनने के तुरंत बाद रेखा गुप्ता ने यह स्पष्ट कर दिया था कि वे उस विवादित आवास में नहीं रहेंगी।
पूर्व सीएम शीला दीक्षित ने भी अपने कार्यकाल के दौरान दो अलग-अलग सरकारी बंगलों पहले मथुरा रोड और बाद में मोतीलाल नेहरू मार्ग में निवास किया था। शामनाथ मार्ग स्थित बंगलों में भी कई पूर्व सीएम रहे, लेकिन वहां रह चुके ब्रह्म प्रकाश व मदन लाल खुराना को कार्यकाल पूरा किए बिना ही इस्तीफा भी देना पड़ा था। उसके बाद से कोई भी सीएम उन बंगलों में नहीं रहा।




