हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार में दशहरे की रात से शुरू हुई वार्षिक गंगा बंदी का असर हरकी पैड़ी पर भी दिखाई देने लगा है. विश्व प्रसिद्ध हरकी पैड़ी पर गंगाजल उपलब्ध नहीं होने से गंगा स्नान और अस्थि विसर्जन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं को मायूस होना पड़ा. दूर दराज से लंबा सफर तय कर हरिद्वार पहुंचे कई श्रद्धालु अपनी धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा में स्नान और पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करने की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन पानी नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा.

श्रद्धालुओं ने गंगा बंदी के दौरान भी हरकी पैड़ी पर स्नान और अस्थि विसर्जन के लिए पानी उपलब्ध कराने की मांग की है. हरकी पैड़ी हरिद्वार के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है. यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान करने पहुंचते हैं. इसके अलावा देश के विभिन्न हिस्सों से लोग अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करने के लिए भी हरिद्वार आते हैं. ऐसे में गंगा बंदी के दौरान हरकी पैड़ी पर पानी की उपलब्धता नहीं होने से श्रद्धालुओं को निराशा झेलनी पड़ी.

वार्षिक गंगा बंदी के चलते हरकी पैड़ी का नजारा भी बदला हुआ नजर आया. श्रद्धालु हंसराज और प्रकाश सैनी ने भी इस दौरान अपनी परेशानी बताई. उन्होंने कहा कि वह अपने पूर्वजों की अस्थियों का विसर्जन करने के लिए हरिद्वार आए थे, लेकिन हरकी पैड़ी पर पानी नहीं मिलने से उन्हें परेशानी हुई.