पहाड़ों की रानी मसूरी में पर्यावरणीय संवेदनशील क्षेत्रों में हो रहे कथित अवैध निर्माण व प्लॉटिंग के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई भी की है। झड़ीपानी क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से कई अवैध निर्माण, पुश्ते, सड़क निर्माण व भूमि घेराबंदी को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में वन कर्मी व पुलिस बल तैनात रहा।

वन विभाग के अनुसार झड़ीपानी-कोलूखेत मार्ग के आसपास स्थित नोटिफाइड वन क्षेत्र में भी बिना अनुमति प्लॉटिंग व निर्माण कार्य किए जा रहे थे। शिकायतों व जांच के बाद डीएफओ अमित कुमार के निर्देश पर कार्रवाई भी की गई। मसूरी वन रेंज के रेंजर महेंद्र सिंह ने बताया कि यह क्षेत्र अधिसूचित वन भूमि है, जहां किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित भी है।

विभाग का कहना है कि कई स्थानों पर पहाड़ियों को काटकर व अवैध खनन कर भूमि को समतल किया जा रहा था, जिसे बाद में प्लॉट के रूप में बेचा भी जा रहा था। वन विभाग ने चेतावनी दी है कि वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जारी भी रहेगी।

हालांकि, प्रभावित स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए दावा किया कि भूमि उनकी निजी व पैतृक संपत्ति है और उनके पास स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मौजूद भी हैं। उन्होंने मामले में न्यायालय जाने की बात कही है।

रुद्रपुर में भी अतिक्रमण पर सख्ती

उधर, उधम सिंह नगर के रुद्रपुर स्थित पहाड़गंज क्षेत्र में सरकारी नजूल भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज भी कर दी है। जिला विकास प्राधिकरण, पुलिस व नगर निगम की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया व अतिक्रमणकारियों को स्वयं कब्जा हटाने की चेतावनी भी दी।

जिला विकास प्राधिकरण के सचिव पंकज उपाध्याय ने कहा कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों को जल्द हटाया भी जाएगा और भविष्य में किसी भी नए अतिक्रमण को बर्दाश्त ही नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति पर अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार ही जारी रहेगा।