कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने राज्य में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान को गति देने के लिए 5 सदस्यीय समिति का गठन किया है। उन्होंने मनरेगा योजना का नाम बदलने व ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार कम किए जाने का आरोप लगाते हुए बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

समिति के संयोजक के रूप में विधायक विक्रम सिंह नेगी व अन्य सदस्यों के रूप में विधायक मनोज तिवारी, वीरेंद्र जाति, आदेश चौहान व डीडी कुनियाल को नियुक्त भी किया गया है। गोदियाल ने कहा कि समिति के सदस्य अपने-अपने जिलों में पंचायत स्तर पर चौपाल आयोजित करेंगे और ग्रामीणों को मनरेगा में किए गए बदलावों के बारे में जागरूक भी करेंगे।

गणेश गोदियाल ने कहा कि यूपीए सरकार के समय मनरेगा रोजगार की गारंटी भी देती थी, लेकिन बीजेपी सरकार द्वारा किए गए बदलावों के बाद यह योजना अब केवल 60 दिन रोजगार की गारंटी तक ही सिमट गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन करती थी, लेकिन अब राज्य सरकार पर इसका बोझ डालने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इसे धीरे-धीरे समाप्त भी किया जा सके।

गोदियाल ने बताया कि कांग्रेस ने पहले पंचायतों के माध्यम से ग्रामीणों को अपने विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की शक्ति दी थी, लेकिन अब केंद्र से ही तय किया जाएगा कि कहां सड़क बनेगी और कहां तालाब। इस संबंध में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पत्र जारी किया है, जिसे चौपालों में पढ़ा जाएगा और लोगों को वितरित कर जागरूक भी किया जाएगा।

प्रत्येक ब्लॉक और पंचायत में आयोजित चौपालों की रिपोर्ट पीसीसी के माध्यम से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मनरेगा संग्राम कंट्रोल रूम को भी भेजी जाएगी। इसी अभियान के तहत बुधवार को प्रतापनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक विक्रम सिंह नेगी ने टिहरी जिले के 20 गांवों में चौपालों का आयोजन भी किया। इस दौरान 4 गांव के प्रधान बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए। गणेश गोदियाल ने कहा कि समिति के सदस्य चौपालों के माध्यम से इस अभियान को सक्रिय रूप से आगे भी बढ़ाएंगे।