पद्म भूषण से सम्मानित पर्यावरणविद् डॉ. अनिल प्रकाश जोशी के नेतृत्व में नेपाल से देहरादून के लिए निकली ‘प्रकृति पथ यात्रा’ मंगलवार को अपने 26वें दिन बस्ती से अयोध्या के लिए रवाना हुई। आठ राज्यों से होकर करीब तीन हजार किलोमीटर की यह यात्रा पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है।
बस्ती से घुटौवा और गोटावां होते हुए कप्तानगंज के दुधौरा गांव तक यात्रा का ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों के साथ स्वागत किया। यात्रा संयोजक राम बाबू तिवारी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने करीब दस किलोमीटर तक साइकिल यात्रियों का साथ दिया। गोटावां में ग्रामीणों और बुजुर्गों ने डॉ. जोशी का स्वागत किया। वहीं, दुधौरा में समाजसेवी अखिलेश दूबे और उनके परिवार ने यात्रियों को फूल-मालाएं पहनाकर और पटका ओढ़ाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन उनकी पत्नी और एसपी चिल्ड्रन एकेडमी की निदेशक राखी दूबे ने किया। इस दौरान बिसंबर शुक्ला, डॉ. रोहन दूबे और कर्नल के.सी. मिश्रा समेत कई ग्रामीण मौजूद रहे।
यात्रा के दौरान हरैया स्थित एसएनएसबी इंटरमीडिएट कॉलेज, दुहावा, मिचरा में डॉ. अनिल जोशी ने विद्यार्थियों से संवाद किया। तेज धूप के बीच बच्चों के साथ खड़े होकर उन्होंने प्रकृति और पर्यावरण के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि जल, भोजन, स्वच्छ हवा और उपजाऊ मिट्टी प्रकृति की अनमोल देन हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है।
कॉलेज में यात्रा दल का स्वागत संस्थापक एवं निदेशक बाबूजी द्विवाकर, संरक्षक शीतला प्रसाद मिश्री, समन्वयक नरसिंह नारायण, दीप नारायण सिंह, दीप नारायण मिश्रा, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष संजय सिंह और एन.एन. पांडे सहित अन्य लोगों ने किया। इस दौरान निदेशक ने डॉ. जोशी को माला, पटका और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
इसके बाद यात्रा दल ने अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में दर्शन किए। भगवान श्रीराम के वनवास और प्रकृति के साथ उनके जुड़ाव का उल्लेख करते हुए यात्रा के माध्यम से जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। करीब तीन हजार किलोमीटर की यह यात्रा पर्यावरण के प्रति जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से आगे बढ़ते हुए देहरादून पहुंचेगी।
