सूचना का अधिकार कानून ने आम आदमी को सरकारी कामकाज की जानकारी हासिल करने की ताकत दी है। उत्तराखंड की मुख्य सूचना आयुक्त राधा रतूड़ी ने कहा कि आरटीआई के जरिए लोग राशन कार्ड, एफआईआर, पेंशन, वोटर कार्ड और मनरेगा के काम तक की जानकारी हासिल कर रहे हैं। हालांकि, छोटी-छोटी जानकारी के लिए आरटीआई लगाना सरकारी व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

उन्होंने कहा कि विभागों को अपने मैनुअल और जरूरी सूचनाएं पहले से सार्वजनिक करनी चाहिए, ताकि लोगों को बार-बार आरटीआई का सहारा न लेना पड़े। वहीं, आदेश न मानने वाले अधिकारियों पर आयोग आर्थिक दंड और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर सकता है।

राधा रतूड़ी ने आरटीआई के दुरुपयोग पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि कुछ लोग एक ही सूचना को अलग-अलग तरीकों से बार-बार मांगकर अधिकारियों और विभागों पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि कानून को और जनोपयोगी बनाने के साथ इसके दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार को उचित बदलावों पर विचार करना चाहिए।