पौड़ी: खिर्सू में भालू का हमला, अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे दो युवक घायल क्षेत्र में दहशत का माहौल
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पौड़ी गढ़वाल | उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में वन्यजीवों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। गुलदार के बाद अब भालू के हमलों से भी ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। खिर्सू क्षेत्र में गुरुवार सुबह भालू ने दो युवकों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। दोनों युवकों को श्रीनगर बेस अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, घायल युवक आदर्श सिंह (पुत्र विक्रम सिंह, निवासी माथीगांव) और आकाश सिंह (पुत्र भागेश सिंह, निवासी कठूली) हैं। दोनों युवक खिर्सू में रहकर अग्निवीर भर्ती की तैयारी कर रहे थे। गुरुवार सुबह रोज की तरह वे अभ्यास के लिए जंगल की ओर निकले थे। जैसे ही वे विजेंद्र सिंह के घर के पास मुख्य मार्ग से गुजर रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपे भालू ने अचानक हमला कर दिया।
“भालू के अचानक हमले से दोनों युवक जमीन पर गिर पड़े और बुरी तरह घायल हो गए,”
— स्थानीय ग्रामीणों ने बताया।
हमले की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और डंडों व पत्थरों से भालू को भगाया।
ग्रामीणों की मदद से दोनों युवकों को तत्काल खिर्सू से श्रीनगर बेस अस्पताल पहुंचाया गया।
डॉक्टरों के अनुसार, दोनों को हाथ-पैर और पीठ पर चोटें आई हैं, लेकिन उनकी जान को कोई खतरा नहीं है।
“दोनों युवकों की स्थिति स्थिर है, उन्हें कुछ दिनों तक आराम की जरूरत है,”
— बेस अस्पताल के चिकित्सक ने बताया।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से खिर्सू और आसपास के गांवों में भालू और गुलदार की सक्रियता लगातार बढ़ रही है।
अक्सर जंगली जानवर खेतों, बगीचों और यहां तक कि गांव के रास्तों में भी घूमते नजर आते हैं।
“कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोग सुबह-सुबह घर से निकलने से डर रहे हैं,”
— स्थानीय निवासी ने बताया।
ग्रामीणों ने मांग की है कि भालू को पकड़कर जंगल के गहरे इलाके में छोड़ा जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर वन विभाग ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। वन दरोगा, नागदेव रेंज पौड़ी, जगदीश नेगी ने बताया कि घटना की प्राथमिक रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है।
“घायल युवकों को मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों,”
— जगदीश नेगी, वन दरोगा, पौड़ी।
वन विभाग की टीम ने आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कर ट्रैकिंग कैमरे लगाने की भी तैयारी शुरू कर दी है।




