बदरीनाथ,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छोटे भाई पंकज मोदी शुक्रवार को बदरीनाथ धाम पहुंचे और भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। आध्यात्मिक माहौल में उन्होंने विधिवत रूप से पूजा संपन्न की और देश-प्रदेश की सुख-शांति के लिए प्रार्थना की। धाम पहुंचने पर श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) की ओर से उनका औपचारिक स्वागत किया गया। इस दौरान समिति अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी सहित अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें भगवान बदरीनाथ का विशेष प्रसाद और स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।

श्री बदरीनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना, यात्रा अनुभव साझा किया

मंदिर परिसर में दर्शन और पूजा के पश्चात पंकज मोदी ने मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी से शिष्टाचार भेंट की और यात्रा प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और चारधाम यात्रा को लेकर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने कहा कि:

“बदरीनाथ जैसे पवित्र स्थल पर आकर आत्मिक शांति की अनुभूति होती है। यहां की व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, और हर श्रद्धालु को यहां आकर एक बार आध्यात्मिक अनुभव जरूर लेना चाहिए।”

 

धार्मिक गणनाओं के अनुसार, विजयदशमी के दिन धर्माधिकारी राधाकृष्ण थपलियाल, वेदपाठी रविंद्र भट्ट और अमित बंदोलिया द्वारा पंचांग गणना कर शुभ मुहूर्त तय किया गया। कपाट बंद होने की घोषणा मुख्य पुजारी रावल अमरनाथ नंबूदरी ने की।

बदरीनाथ धाम समेत चारों धामों के कपाट अब क्रमशः बंद हो रहे हैं। मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से कपाट बंद होने से पहले यात्रा पूरी करने और पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।

BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा:

“चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में प्रवेश के साथ ही व्यवस्थाएं और सतर्कता बढ़ा दी गई हैं। श्रद्धालुओं के लिए भोजन, आवास, चिकित्सा व सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की गई है।”

चारधाम यात्रा 2025 – अब तक के दर्शनार्थी (संक्षिप्त विवरण):

धाम दर्शनार्थियों की संख्या
केदारनाथ 16,02,420
बदरीनाथ 14,20,357
कुल (मुख्य दो धाम) 30,22,777

प्रधानमंत्री मोदी के भाई पंकज मोदी का बदरीनाथ धाम आगमन धार्मिक भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षण रहा। इससे यह भी संकेत मिलता है कि चारधाम यात्रा न केवल आम जनमानस, बल्कि देश के शीर्षस्थ परिवारों के लिए भी कितनी आध्यात्मिक महत्ता रखती है। अब जब कपाट बंदी नजदीक है, तो भक्तों के लिए यह अंतिम अवसर है इस वर्ष दर्शन करने का। मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और स्मरणीय बनाने के लिए पूरी तरह से जुटा हुआ है।