हेमकुंड साहिब यात्रा को सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए तैयारियां भी तेज हो गई हैं। भारतीय सेना की 418 माउंटेन ब्रिगेड का दल व गुरुद्वारे के सेवादार बुधवार को गोविंदघाट से बर्फ हटाने के लिए रवाना भी हो गए। यात्रा मार्ग पर फिलहाल 8 फीट से अधिक बर्फ जमी हुई है, खासकर अटलाकोटी से आगे पूरा रास्ता बर्फ से ही ढका हुआ है।

इस वर्ष हेमकुंड साहिब के कपाट 23 मई को भी खुलेंगे। इससे पहले सेना के जवानों व सेवादारों ने गुरुद्वारे में अरदास की, जिसके बाद हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के सीईओ सरदार सेवा सिंह ने दल को घांघरिया के लिए रवाना भी किया।

ट्रस्ट के अनुसार, एक सप्ताह पहले निरीक्षण टीम ने अटलाकोटी ग्लेशियर क्षेत्र में 8 फीट से ज्यादा बर्फ की पुष्टि भी की थी। अब जवान और सेवादार घांघरिया में रुककर रोजाना बर्फ हटाने का कार्य भी करेंगे, जिसे करीब 3 सप्ताह में पूरा करने का लक्ष्य भी रखा गया है।

बताया गया कि 20 मई को पहला जत्था ऋषिकेश से रवाना भी होगा। ट्रस्ट अध्यक्ष सरदार नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि सेना व सेवादार हर वर्ष निस्वार्थ भाव से यात्रा को सफल व सुरक्षित बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।