धर्मनगरी हरिद्वार में श्रद्धालुओं व आम लोगों के लिए बड़ी सौगात भी तैयार हो गई है। गंगा नदी के ऊपर उत्तराखंड का पहला व सबसे बड़ा मेजर ब्रिज लगभग बनकर तैयार है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से हरिद्वार बाईपास परियोजना के तहत बनाए जा रहे इस आधुनिक फोर लेन पुल की लंबाई 2.5 किलोमीटर से अधिक भी है। यह परियोजना करीब 861 करोड़ रुपये की लागत से तैयार भी की जा रही है।

यह पुल हरिद्वार-दिल्ली हाईवे को नजीबाबाद-हरिद्वार मार्ग से सीधे जोड़ेगा, जिससे दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, हरियाणा, नोएडा व पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले यात्रियों को बड़ी राहत भी मिलेगी। अब कांवड़, कुंभ, अर्धकुंभ व चारधाम यात्रा के दौरान लगने वाले लंबे जाम से काफी हद तक निजात भी मिलेगी और नजीबाबाद रूट तक पहुंचने में केवल 15 से 20 मिनट का ही समय लगेगा।

परियोजना के तहत 15 किलोमीटर लंबा बाईपास मार्ग भी अब तैयार किया जा रहा है। साथ ही वन्यजीवों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए एलिफेंट कॉरिडोर का निर्माण भी शामिल है। इस मार्ग का लाभ SIDCUL की फैक्ट्रियों के भारी वाहनों को भी मिलेगा, जिससे शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव भी कम होगा।

रेजिडेंट इंजीनियर संजय खरे के मुताबिक, यह पुल हरिद्वार में आस्था व विकास का प्रतीक बनेगा और खासतौर पर कुंभ 2027 (Kumbh Mela 2027) के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को सुगम यातायात सुविधा भी देगा।