मां से बिछड़े दो नन्हे हाथियों को मिला एक-दूसरे का साथ, दोस्ती बनी जिंदगी का सहारा
Deprecated: preg_split(): Passing null to parameter #3 ($limit) of type int is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-content/themes/jannah/framework/functions/post-functions.php on line 805
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-includes/formatting.php on line 4802
मां से बिछड़ने का दर्द इंसान हो या जानवर, शायद हर किसी के लिए एक जैसा होता है। हरिद्वार के चीला क्षेत्र में दो नन्हे हाथियों की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। करीब दस महीने पहले अपनी मां से बिछड़े ये दोनों शिशु हाथी अब एक-दूसरे के साथी बन चुके हैं। मां की कमी को दोनों ने अपनी दोस्ती से काफी हद तक पूरा कर लिया है।
एक शिशु हाथी हरिद्वार के श्यामपुर क्षेत्र में जन्म के तुरंत बाद अपनी मां से अलग हो गया था, जबकि दूसरा लच्छीवाला के पास जंगल में अपनी मां से बिछड़ गया। बेहद कम उम्र में मां से अलग होने के बाद दोनों के सामने जिंदगी बचाने की बड़ी चुनौती थी। चीला हाथी बाड़े की इंचार्ज कंचन नौटियाल के मुताबिक, शिशु हाथियों के लिए मां के बिना जीवित रहना बेहद मुश्किल होता है और ऐसे मामलों में उनका बच पाना काफी दुर्लभ माना जाता है।
इसके बावजूद राजाजी टाइगर रिजर्व की चीला रेंज में दोनों नन्हे हाथियों ने जिंदगी की जंग जीत ली। अब दोनों हृष्ट-पुष्ट हो चुके हैं। श्यामपुर से मिले शिशु हाथी का नाम अभय और लच्छीवाला से मिले शिशु हाथी का नाम विराट रखा गया है। दोनों को प्यार से छुटकू और अभयराज भी पुकारा जाता है।
मां की ममता से दूर इन दोनों नन्हे हाथियों के लिए अब एक-दूसरे की दोस्ती सबसे बड़ा सहारा बन गई है। दोनों साथ खाना-पीना, खेलना और एक-दूसरे के साथ वक्त बिताना पसंद करते हैं। उनकी मासूम दोस्ती यह एहसास कराती है कि अपनों से दूर होने का दर्द भले ही गहरा हो, लेकिन किसी का साथ जिंदगी को फिर से जीने की वजह बन सकता है।
विराट और अभय की दोस्ती अब चीला में चर्चा का विषय बनी हुई है। दोनों नन्हे हाथियों की एक झलक पाने के लिए लोग उत्सुक रहते हैं। कई लोग उनके साथ फोटो और सेल्फी लेना चाहते हैं, हालांकि वन विभाग ने दोनों शिशु हाथियों की फोटो और वीडियो बनाने की अनुमति नहीं दी है। इसके बावजूद चीला रेंज पहुंचने वाला हर व्यक्ति इन दोनों मासूम हाथियों को देखने की इच्छा रखता है।
फिलहाल दोनों गज शिशुओं की बच्चों की तरह देखभाल की जा रही है। उन्हें अभी केवल दूध पिलाया जा रहा है और उनके लालन-पालन में विशेष सावधानी बरती जा रही है। वन विभाग के मुताबिक, अब दोनों शिशु हाथी राजाजी टाइगर रिजर्व के परिवार का हिस्सा बन चुके हैं।
राजाजी टाइगर रिजर्व के वार्डन विजय सैनी ने बताया कि दोनों शिशु हाथियों की देखभाल पूरी सावधानी के साथ की जा रही है। मां से बिछड़े इन दोनों की कहानी सिर्फ संघर्ष की नहीं, बल्कि दोस्ती, उम्मीद और जिंदगी के फिर से मुस्कुराने की कहानी भी है।
Deprecated: htmlspecialchars(): Passing null to parameter #1 ($string) of type string is deprecated in /home/u948756791/domains/doondarshan.in/public_html/wp-includes/formatting.php on line 4802




