बाजपुर: तीन वर्ष तक सरकारी रिकॉर्ड में एक अज्ञात शव के रूप में दर्ज युवक की आखिरकार पहचान हो गई। जून 2023 में बरहैनी-बन्नाखेड़ा मार्ग पर मिले शव की शिनाख्त चमोली जिले के गैरसैंण स्थित देवीपुरी गांव निवासी हयात सिंह उर्फ पप्पू नेगी के रूप में भी हुई है। तस्वीर के जरिए हुई इस पहचान के बाद वर्षों से बेटे के लौटने का इंतजार कर रहे परिजनों की उम्मीदें दर्द में ही बदल गईं।

जानकारी के अनुसार, पप्पू नेगी वर्ष 2016 में रोजगार की तलाश में घर से निकले थे और वह होटल में काम करते थे, लेकिन समय के साथ उनका परिवार से संपर्क पूरी तरह से टूट गया। परिजन वर्षों तक उनके लौटने की राह देखते रहे, जबकि उन्हें यह पता नहीं था कि उनका बेटा 3 साल पहले ही दुनिया छोड़ चुका है।

मामले में नया मोड़ तब आया जब बन्नाखेड़ा चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह खड़ायत पुराने लंबित मामलों की समीक्षा भी कर रहे थे। इस दौरान उनकी नजर वर्ष 2023 में मिले एक अज्ञात शव की फाइल पर पड़ी तभी उन्होंने मृतक की तस्वीर गैरसैंण क्षेत्र के अपने परिचितों और सहपाठियों को भेजी। तस्वीर गांव पहुंचते ही परिजनों ने युवक की पहचान पप्पू नेगी के रूप में भी कर ली।

रविवार को मृतक के भाई, रिश्तेदार व अन्य परिजन बाजपुर कोतवाली पहुंचे, जहां उन्होंने तस्वीर देखकर पहचान की पुष्टि भी की। परिजनों ने बताया कि पप्पू नेगी शराब के अधिक सेवन के आदी थे और घर छोड़ने के बाद कभी वापस ही नहीं लौटे।

पुलिस के अनुसार, 26 जून 2023 को बरहैनी मार्ग पर करीब 30 वर्षीय युवक का शव बरामद भी हुआ था। पोस्टमार्टम व अन्य सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं, लेकिन पहचान नहीं होने के कारण शव सरकारी रिकॉर्ड में अज्ञात के रूप में दर्ज रहा। अब 3 साल बाद इस मामले को एक नाम और परिवार मिल गया है।