एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों की एक रिसर्च में ग्रामीण क्षेत्रों में नींद और हाई ब्लड प्रेशर के बीच चौंकाने वाला संबंध सामने आया है। देहरादून के डोईवाला ब्लॉक के 30 गांवों में 1,946 लोगों पर किए गए अध्ययन में पाया गया कि 38.5 प्रतिशत लोग हाइपरटेंशन से पीड़ित हैं।
रिसर्च के मुताबिक, हाई BP से पीड़ित महिलाओं में 55.1 प्रतिशत की नींद की गुणवत्ता खराब पाई गई, जबकि पुरुषों में यह आंकड़ा 39.2 प्रतिशत रहा। उम्र, वजन और खानपान जैसे अन्य कारणों को अलग करने के बाद भी खराब नींद को महिलाओं में हाइपरटेंशन का स्वतंत्र जोखिम कारक पाया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, नींद की कमी से शरीर में कोर्टिसोल बढ़ सकता है, जिससे दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। वहीं, करीब 79.7 प्रतिशत ग्रामीण आबादी मध्यम से उच्च स्तर के तनाव का सामना कर रही है।
शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में BP और ब्लड शुगर की जांच के साथ नींद की गुणवत्ता की स्क्रीनिंग भी की जानी चाहिए। समय पर सोना, बेहतर जीवनशैली और महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देकर हाई BP के खतरे को कम किया जा सकता है।
