बाबा रामदेव के सहयोगी और पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण से जुड़े फर्जी दस्तावेज और पासपोर्ट मामले में देहरादून की सीबीआई अदालत ने आज फैसला सुनाया। कोर्ट ने आचार्य बालकृष्ण को मामले में बरी कर दिया है।

यह मामला फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के आरोपों से जुड़ा था। सीबीआई के मुताबिक, बालकृष्ण ने पासपोर्ट बनवाने के लिए बरेली स्थित पासपोर्ट कार्यालय में खुर्जा के एक संस्कृत महाविद्यालय से जुड़े कथित फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र पेश किए थे।

मामले में उनके खिलाफ आपराधिक धाराओं के साथ पासपोर्ट अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई थी। करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने आज आचार्य बालकृष्ण को बरी कर दिया।