देहरादून: लैंड फ्रॉड के मामलों पर सख्ती, 58 में से 8 मामलों का मौके पर हुआ निस्तारण
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देहरादून : गढ़वाल मंडल में लैंड फ्रॉड से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई और समाधान के लिए अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान की अध्यक्षता में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आज मंगलवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में गढ़वाल मंडल के सात जिलों से जुड़े कुल 58 मामलों की समीक्षा भी की गई, जिनमें से 8 मामलों का मौके पर ही निस्तारण भी कर दिया गया।
बैठक में अपर आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि भूमि धोखाधड़ी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर तेजी से निपटारा भी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में भूमि धोखाधड़ी स्पष्ट रूप से सामने आई है, उनमें एफआईआर दर्ज कर एसआईटी से जांच भी कराई जाए। न्यायालय में लंबित प्रकरणों को छोड़कर सभी अन्य मामलों का विभागीय स्तर पर त्वरित समाधान किया जाए।
देहरादून जिले से सर्वाधिक 45 मामले सामने आए, जबकि पौड़ी से 6, टिहरी और रुद्रप्रयाग से 2-2, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी से 1-1 मामले दर्ज किए गए थे। समन्वय समिति ने शेष लंबित मामलों पर एक महीने के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में कई जिलों के एसडीएम, एमडीडीए, नगर निकाय और वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। लैंड फ्रॉड मामलों में तेजी से कार्रवाई सुनिश्चित करने और भूमि प्रबंधन से जुड़े मामलों में न्यायालयीय आदेशों का अनुपालन कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
मुख्य बिंदु:
- गढ़वाल मंडल में लैंड फ्रॉड के 58 मामलों की समीक्षा
- 8 मामलों का मौके पर निस्तारण
- देहरादून से सबसे ज्यादा 45 मामले
- एफआईआर व एसआईटी जांच के निर्देश
- अधिकारियों को एक माह में रिपोर्ट देने के निर्देश
लैंड फ्रॉड पर प्रशासन की यह सख्ती आने वाले समय में भूमि विवादों के समाधान में मील का पत्थर भी साबित हो सकती है।




