हरिद्वार जिले के लक्सर क्षेत्र में ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) को भारत सरकार के ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड किए बिना 26.06 लाख रुपये निकालने के मामले में ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सुशील सती को निलंबित कर दिया गया है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अतुल प्रताप सिंह ने एडीओ पंचायत लक्सर की संस्तुति रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की है। निलंबन के बाद सुशील सती को लक्सर ब्लॉक से हटाकर बहादराबाद ब्लॉक मुख्यालय से अटैच किया गया है।

दरअसल, लक्सर के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ने 7 सितंबर को डीपीआरओ को भेजी रिपोर्ट में बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 की ग्राम पंचायत विकास योजना को पंचायतीराज मंत्रालय के ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर अपलोड नहीं किया गया। इसके बावजूद राज्य वित्त आयोग की संस्तुति पर आवंटित अनुदान की पहली किस्त से चार ग्राम पंचायतों में कुल 26.06 लाख रुपये निकाल लिए गए।

रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम पंचायत अकबरपुर ऊद से 6.66 लाख रुपये, दरगाहपुर से 9.45 लाख रुपये, मुंडाखेड़ा कलां से 9.44 लाख रुपये और नेतवाला सैदाबाद से 51 हजार रुपये निकाले गए। एडीओ पंचायत ने इसे नियमों के विरुद्ध धनराशि निकालने और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़ी गंभीर वित्तीय अनियमितता बताया।

विभागीय रिपोर्ट के मुताबिक, एडीओ पंचायत ने 22 अगस्त 2026 को नोटिस जारी कर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सुशील सती से स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। इसके अलावा अन्य मामलों में भी उच्चाधिकारियों की ओर से मांगे गए स्पष्टीकरण का उत्तर नहीं देने की शिकायतें सामने आईं। इसे अनुशासनहीनता और उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना मानते हुए डीपीआरओ ने निलंबन की कार्रवाई की।

विभागीय स्तर पर की गई इस कार्रवाई के बाद सुशील सती को लक्सर ब्लॉक से हटाकर बहादराबाद ब्लॉक मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।