देहरादून में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शुक्रवार को यूपीईएस विश्वविद्यालय की मेस और कैफेटेरिया का निरीक्षण किया। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और पेयजल की व्यवस्था जांची गई। टीम ने पानी, पकी हुई दाल और सब्जी के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई के दौरान खाद्य लाइसेंस, पानी की जांच रिपोर्ट, कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र, पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट और खाद्य सुरक्षा प्रशिक्षण से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की गई। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने टीम को संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराए।
विभाग के अनुसार, शैक्षणिक संस्थानों की मेस और कैफेटेरिया में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में विद्यार्थी भोजन करते हैं। आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। नमूनों की जांच में अनियमितता मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण टीम में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर मंजू तिवारी और नगर निगम देहरादून के वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
गौरतलब है कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने दो दिन पहले देवभूमि विश्वविद्यालय की मेस में भी छापा मारा था। वहां से कई खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के फिटनेस प्रमाणपत्र और पानी की जांच रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली थी। फिलहाल विश्वविद्यालय की मेस खुली है। वहीं, इसी दिन दून मेडिकल कॉलेज की मेस को सील कर दिया गया था। वहां निरीक्षण के दौरान कॉकरोच और अन्य गंदगी के साथ कई अनियमितताएं सामने आई थीं।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेशभर में खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी और निरीक्षण का अभियान जारी रहेगा।
