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नया शिक्षा सत्र आज से शुरू, सिस्टम की सुस्ती से लाखों छात्रों को नहीं मिली मुफ्त किताबें

नए शिक्षा सत्र के साथ शुरू हुआ किताबों और कापियों का इंतजार, पाठ्य पुस्तकें 3 अप्रैल से मिलेंगी


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आज से सरकारी और अशासकीय विद्यालयों में न केवल स्कूल खुल रहे हैं, बल्कि नया शिक्षा सत्र 2025-26 भी शुरू हो गया है। शिक्षा विभाग के अनुसार, 1 अप्रैल से पहले सभी छात्रों तक मुफ्त पाठ्य पुस्तकें पहुंच जानी चाहिए थीं, लेकिन प्रदेश में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 10 लाख से अधिक छात्रों के लिए किताबों का वितरण समय पर नहीं हो पाया है।

सरकार की ओर से सरकारी और अशासकीय विद्यालयों में कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों को मुफ्त पाठ्य पुस्तकें दी जाती हैं। नया सत्र शुरू होने से पहले विभाग के पास छात्रों तक किताबें पहुंचाने के लिए लगभग एक वर्ष का समय होता है, लेकिन सिस्टम की सुस्ती के कारण इस बार शासन से विभाग को पाठ्य पुस्तकें वितरण के लिए सहमति सिर्फ 11 दिन पहले मिली।

हालांकि, पिछले सप्ताह प्रिंटर को एनसीईआरटी से सीडी उपलब्ध भी करवाई गई। इसके बावजूद, अन्य राज्यों में ब्लॉक स्तर तक पाठ्य पुस्तकें पहुंच चुकी हैं, जबकि प्रदेश में वितरण की प्रक्रिया अब तक शुरू ही नहीं हो पाई। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डाॅ. मुकुल कुमार सती के अनुसार, शासन से सहमति मिलने के बाद 3 अप्रैल से छात्रों को पाठ्य पुस्तकें मिलनी शुरू हो जाएंगी। जब तक पाठ्य पुस्तकें नहीं पहुंचतीं, तब तक स्कूलों में बने बुक बैंक से छात्रों को पुस्तकें दी जाएंगी।

कापियों का वितरण भी रहेगा देर से

फ्री पाठ्य पुस्तकों के बाद अब छात्रों को मुफ्त कापियां दी जानी हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि कापियों के वितरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है और अनुमति मिलने के बाद जल्द ही पहली बार छात्रों को मुफ्त कापियां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

प्रदेश में सरकारी स्कूलों की स्थिति

प्रदेश में सरकारी स्कूलों की संख्या में भारी भिन्नताएं हैं। सबसे अधिक सरकारी स्कूल पौड़ी जिले में हैं, जहां 1994 स्कूल हैं। इसके बाद अल्मोड़ा में 1713, बागेश्वर में 768, चमोली में 1325, चंपावत में 682, देहरादून में 1296, हरिद्वार में 938, नैनीताल में 1349, पिथौरागढ़ में 1487, रुद्रप्रयाग में 765, टिहरी में 1901, ऊधमसिंह नगर में 1110 व उत्तरकाशी में करीब 1173 सरकारी स्कूल हैं।

पाठ्य पुस्तकें मिलने में हो रही देरी, लेकिन जल्द होगी शुरुआत

पाठ्य पुस्तकों के वितरण में देरी पर डा. मुकुल कुमार सती ने कहा, “मुफ्त पाठ्य पुस्तकों के लिए शासन से सहमति 20 मार्च को मिली थी और प्रिंटर के साथ एमओयू भी हो चुका है। अब जल्द ही छात्रों को पुस्तकें मिलनी भी शुरू हो जाएंगी।”


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