हल्द्वानी के बनभूलपुरा में रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला एक बार फिर टल गया है। याचिकाकर्ता अब्दुल मतीन सिद्दीकी के मुताबिक, कोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ा दी है। हालांकि नई तारीख की पुष्टि शाम तक होने की बात कही गई है। इस बीच बनभूलपुरा में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।

एसएसपी डॉ. मंजुनाथ टीसी ने बताया कि पूरे बनभूलपुरा क्षेत्र को दो सुपर जोन और चार जोन में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इलाके में दो एसपी, पांच सीओ, 15 इंस्पेक्टर व एसओ, 10 चौकी प्रभारी, 45 पुरुष दरोगा, 10 महिला दरोगा, 182 हेड कांस्टेबल व सिपाही और 47 महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इसके अलावा पीएसी की दो कंपनियां और ड्रोन की दो विशेष टीमें भी निगरानी करेंगी।

संवेदनशील इलाकों में ड्रोन के जरिए छतों, गलियों और अन्य स्थानों पर नजर रखी जाएगी। साथ ही अग्निशमन विभाग की चार यूनिट, यातायात पुलिस की चार टीमें, बम निरोधक दस्ता, हॉक पुलिस, टियर गैस, एंटी-रायट और फायरिंग स्क्वाड को भी तैनात किया गया है।

एसएसपी ने चेतावनी दी कि छतों पर पत्थर, ईंट, रोड़ी, मलबा या हथियार जमा कर उपद्रव की तैयारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ाई गई है और अफवाह या भड़काऊ पोस्ट प्रसारित करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

वहीं बुधवार को हल्द्वानी में भाजपा कार्यसमिति की बैठक के चलते भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री समेत कई पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। ऐसे में पुलिस के सामने वीवीआईपी ड्यूटी के साथ बनभूलपुरा की सुरक्षा व्यवस्था संभालने की भी चुनौती है। हालांकि बनभूलपुरा में तैनात पुलिसकर्मियों को वीवीआईपी ड्यूटी में नहीं लगाया जाएगा और वे केवल इलाके की सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे।