बागेश्वर जिले में बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। भारी बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं और मलबा व भूस्खलन आने से जिले की 15 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं। वहीं, खराब मौसम के बावजूद सोमवार को स्कूल खुले रहने पर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

लोग सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर प्रशासन के फैसले पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि जब सामान्य मौसम में भी कई बार स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी जाती है, तो ऐसे हालात में बच्चों को स्कूल बुलाना जोखिम भरा है। लोगों ने प्रशासन से मौसम और सड़क की स्थिति को देखते हुए उचित निर्णय लेने की मांग की है।

आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, जिले में एक राज्य मार्ग और 14 ग्रामीण मार्ग समेत कुल 15 सड़कें बंद हैं। बालीघाट-दौफाड़-धरमघर-कोटमन्या राज्य मार्ग के किलोमीटर 43 पर मलबा आने से यातायात बाधित है। इसके अलावा धैना-लखनी, पालड़ीछीना-जैनकरास, काफलीगैर-खौलसीर, बीनतोली-कुंझाली-मजकोट, बनलेख-गणुवासिरमोली, कठपुड़ियाछीना-सिया, सुंदिल-जुनायल, बदियाकोट-बोरबलड़ा, बघर-बाछम-खाती, खड़लेख-भनार, धरमघर-माजखेत और बदियाकोट-कुंवारी समेत कई ग्रामीण मार्ग बंद हैं।

आपदा नियंत्रण कक्ष के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में जिले में औसतन 21.67 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बागेश्वर में 30 मिमी, गरुड़ में 19 मिमी और कपकोट में 16 मिमी बारिश हुई। बारिश के बीच सरयू नदी का जलस्तर 866.90 मीटर और गोमती नदी का जलस्तर 864.30 मीटर दर्ज किया गया। वहीं, बैजनाथ बैराज का पोंड लेवल 1113 मीटर रहा और बैराज से 1806.19 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।