देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार के लिए मिशन मोड पर काम भी तेज कर दिया है। मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने व्यापक रणनीति के तहत सख्त मॉनिटरिंग भी शुरू की है। सचिव स्वास्थ्य सचिन कुर्वे ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए समयबद्ध कार्ययोजना पर भी जोर दिया।
सचिव स्वास्थ्य की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में पहली बार फील्ड की वास्तविक स्थिति जानने के लिए एएनएम को भी शामिल भी किया गया। हरिद्वार व पौड़ी की एएनएम ने ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों और अपने अनुभव भी साझा किए। बैठक में संस्थागत प्रसव को मजबूत बनाने, गर्भवती महिलाओं का शीघ्र पंजीकरण व कम से कम चार एएनसी जांच सुनिश्चित करने पर विशेष जोर भी दिया गया।
बैठक में गर्भवती महिलाओं की सटीक ट्रैकिंग, समय पर फॉलोअप व एनीमिया नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। गंभीर एनीमिया के मामलों में तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि मातृ मृत्यु के जोखिम को कम भी किया जा सके।
सचिन कुर्वे ने कहा कि सरकार मातृ स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता भी दे रही है। हर गर्भवती महिला तक समय पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना व सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना सभी स्वास्थ्य कर्मियों की सामूहिक जिम्मेदारी भी है।
