नैनीताल हाईकोर्ट ने उत्तराखंड में आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे व बच्चों पर हो रहे हमलों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार पर सख्ती भी दिखाई है। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव, संबंधित विभागों व भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) सहित अन्य पक्षों से जवाब भी मांगा है।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभाग 7 अगस्त 2026 तक अपना अनुपालन हलफनामा भी दाखिल करें। मामले की अगली सुनवाई 10 अगस्त को भी होगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को आवारा कुत्तों से आम जनता, विशेषकर बच्चों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का पूरा विवरण प्रस्तुत भी करना होगा।
