लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट सोसायटी घोटाला: 100 करोड़ की ठगी का खुलासा, हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई जांच शुरू — 46 आरोपी नामजद
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उत्तराखंड में निवेशकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले लोनी अर्बन मल्टी क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट कोऑपरेटिव सोसायटी (LUCC) घोटाले का बड़ा खुलासा भी हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि सोसायटी ने प्रदेशभर के छोटे निवेशकों—खासतौर पर दिहाड़ी मजदूरों व गृहिणियों—से करीब 100 करोड़ रुपये की ठगी भी की। यह कंपनी उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र व कई अन्य राज्यों में भी सक्रिय थी।
सोसायटी का मालिक नवी मुंबई का रहने वाला भी बताया गया है।
एफआईआर के बाद हाईकोर्ट ने दिया सीबीआई जांच का आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मुख्यालय खुद इस प्रकरण की निगरानी भी कर रहा था। धोखाधड़ी के सभी मुकदमे बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम ऐक्ट (BUDS Act) के तहत ही चल रहे हैं।
मार्च 2025 में ऋषिकेश निवासी एक व्यक्ति ने हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल कर मामले की सीबीआई जांच की मांग भी की। बाद में दूसरी पीआईएल दाखिल भी हुई। दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 17 सितंबर 2025 को सीबीआई जांच के आदेश भी दिए।
महिलाओं का आंदोलन: कोर्ट से सड़क तक विरोध
इस वित्तीय घोटाले में ठगी का शिकार हुई महिलाओं ने कई चरणों में आंदोलन भी किया।
- मार्च 2025 में कोर्ट परिसर में विरोध शुरू हुआ
- सितंबर 2025 में पीड़ित सड़क पर उतर आए
- महिलाएं राजभवन कूच तक कर चुकी हैं
कौन-कौन हैं आरोपी? — कुल 46 नामजद
निवेशकों व पुलिस जांच के आधार पर सोसायटी के मालिक से लेकर राज्यभर के ब्रांच मैनेजरों तक 46 लोगों को आरोपी भी बनाया गया है। इनमें—
- कंपनी मालिक समीर अग्रवाल (नवी मुंबई)
- चेयरमैन दिनेश सिंह (लोनी, गाजियाबाद)
- कंपनी से जुड़े कई अधिकारियों और एजेंटों के साथ
- ब्रांड एम्बेसडर रहे श्रेयस तलपड़े और आलोक नाथ के नाम भी शामिल हैं
(पूरी सूची में 46 आरोपी—विभिन्न राज्यों से नामजद—समाचार में विस्तृत रूप से शामिल हैं।)
कई थानों में दर्ज हुई 10 एफआईआर, चार्जशीट दायर
वर्ष 2024–25 के दौरान देवप्रयाग, घनसाली, कोटद्वार, पौड़ी, श्रीनगर, ऋषिकेश, पटेलनगर (देहरादून), उत्तरकाशी, चंबा व नई टिहरी सहित कई थानों में कुल 10 मुकदमे भी दर्ज हुए।
इन सभी मामलों में पुलिस चार्जशीट दाखिल भी कर चुकी है और अब मामला सीबीआई को ट्रांसफर भी किया जा चुका है।




