लक्सर: सहकारी गन्ना विकास समिति की बोर्ड बैठक हंगामे की भेंट चढ़ी, सदस्यों के बीच तीखी बहस के बाद बैठक स्थगित
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लक्सर – लक्सर की सहकारी गन्ना विकास समिति की मंगलवार को प्रस्तावित दूसरी बोर्ड बैठक भारी हंगामे के बीच बीच में ही स्थगित करनी पड़ी। बैठक की शुरुआत से ही सदस्यों के बीच एजेंडा और प्रस्तावों को लेकर तीखी बहस और आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया, जिससे माहौल तनावपूर्ण होता चला गया।
सूत्रों के मुताबिक, जैसे ही बैठक में प्रस्तावों पर चर्चा शुरू हुई, कुछ सदस्यों ने असहमति जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इसी दौरान कुछ बाहरी नेताओं के हस्तक्षेप से स्थिति और बिगड़ गई। हंगामे से नाराज कुछ सदस्य बैठक छोड़कर बाहर निकल गए। कुछ देर बाद समिति के अध्यक्ष अनुराग चौधरी भी बैठक स्थल से मीडिया की नज़रों से बचते हुए रवाना हो गए।
समिति के सचिव सूरजभान सिंह ने बताया कि बैठक के दौरान महिला डायरेक्टरों के प्रतिनिधियों को बैठक कक्ष में प्रवेश से रोक दिया गया, जिससे विवाद और अधिक बढ़ गया। उनका कहना था कि प्रतिनिधियों को बाहर निकालने का निर्णय ही हंगामे की मुख्य वजह बना।
उन्होंने आगे बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के बाद सभी सदस्यों की सहमति से बैठक को स्थगित कर दिया गया। समिति सचिव ने कहा कि अगली बोर्ड बैठक की नई तिथि जल्द घोषित की जाएगी और शांतिपूर्ण माहौल में बैठक कराने की पूरी कोशिश की जाएगी।
बता दें कि करीब दो माह पूर्व ही समिति में अध्यक्ष और निदेशक मंडल का चुनाव हुआ था, जिसके बाद यह पहली बड़ी बोर्ड बैठक आयोजित की जा रही थी। बैठक में लक्सर शुगर मिल के आगामी पेराई सत्र और गन्ना आपूर्ति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा प्रस्तावित थी। लक्सर शुगर मिल, लक्सर तहसील सहित आसपास के इलाकों के हजारों किसानों की आय का मुख्य स्रोत है। यही नहीं, उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों से भी गन्ना इस मिल में पहुंचता है। ऐसे में बैठक का रद्द होना गन्ना किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
सहकारी गन्ना विकास समिति की बैठक में हुआ यह विवाद और असहमति भविष्य में समिति की कार्यप्रणाली और किसानों से जुड़ी योजनाओं पर असर डाल सकता है। अब सबकी निगाहें अगली बैठक पर टिकी हैं, जिसमें यह देखा जाएगा कि क्या समिति सदस्य आपसी मतभेद भुलाकर किसानों के हित में कोई ठोस निर्णय ले पाते हैं या नहीं।




