महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज, रायपुर में बैडमिंटन खिलाड़ियों को नियमित तकनीकी प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है। कॉलेज में संचालित आठ खेलों में बैडमिंटन के कोच का पद खाली है। ऐसे में खिलाड़ी मैदान पर अभ्यास तो कर रहे हैं, लेकिन उन्हें तकनीक और मैच रणनीति सिखाने के लिए विशेषज्ञ प्रशिक्षक उपलब्ध नहीं है।

वैकल्पिक व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों से दौड़ और शारीरिक अभ्यास कराया जा रहा है, लेकिन बैडमिंटन जैसे तकनीकी खेल में फिटनेस के साथ सर्विस, फुटवर्क, स्मैश, नेट प्ले और मैच रणनीति का प्रशिक्षण भी जरूरी है। लंबे समय तक कोच की कमी रहने से खिलाड़ियों के प्रदर्शन और भविष्य पर असर पड़ने की चिंता बनी हुई है।

स्पोर्ट्स कॉलेज राज्य सरकार का आवासीय विद्यालय है, जहां कक्षा छह से 12वीं तक के खिलाड़ियों को निशुल्क शिक्षा और खेल प्रशिक्षण दिया जाता है। यहां एथलेटिक्स, फुटबॉल, वॉलीबॉल, बॉक्सिंग, क्रिकेट, हॉकी, जूडो और बैडमिंटन का प्रशिक्षण दिया जाता है।

जिला क्रीड़ा अधिकारी शबाली गुरुंग ने बताया कि बैडमिंटन कोच ने कुछ समय पहले नौकरी छोड़ दी थी। नए कोच की नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की जा चुकी है और सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। जल्द ही नियुक्ति कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर असर न पड़े, इसके लिए अन्य अभ्यास नियमित रूप से कराए जा रहे हैं।