उत्तराखंड

देहरादून में छात्रा प्रज्ञा सिंह को रौंदने वाली कार रुड़की की निकली, आरोपी की तलाश तेज हालत अब भी नाजुक


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देहरादून | देहरादून के सरोवर होटल के पास 23 अक्तूबर को एलएलबी छात्रा प्रज्ञा सिंह को रौंदने वाली कार की पहचान हो गई है। पुलिस जांच में पता चला है कि कार रुड़की रजिस्टर्ड है। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त वाहन एक बुजुर्ग व्यक्ति चला रहे थे। फिलहाल पुलिस चालक की पहचान करने और उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। 19 वर्षीय प्रज्ञा सिंह उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में एलएलबी प्रथम वर्ष की छात्रा हैं। वह 23 अक्तूबर की शाम दिल्ली से लौट रही थीं। जब वह सरोवर होटल के सामने पहुंचीं, तभी एक तेज रफ्तार काली कार ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी और मौके से फरार हो गई। घटना में प्रज्ञा गंभीर रूप से घायल हुईं। उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक, लगातार पांच दिन से उन्हें होश नहीं आया है और अंदरूनी रक्तस्राव बढ़ने के कारण बुधवार को उनका ब्रेन ऑपरेशन किया गया।

डॉक्टरों का कहना है कि अगले 48 घंटे उनके लिए बेहद नाजुक हैं।

हादसे के समय प्रज्ञा के साथ उनका 13 वर्षीय छोटा भाई भी था। पटेल नगर थानाध्यक्ष चंद्रभान अधिकारी ने बताया कि बच्चे ने सदमे में केवल इतना बताया कि एक काली बड़ी कार ने बहन को टक्कर मारी थी। पुलिस ने इस सुराग के आधार पर कारगी चौक और आसपास के कई CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान सात काली गाड़ियों की पहचान की गई, लेकिन गहन तफ्तीश के बाद असल कार रुड़की में मिली है। थानाध्यक्ष चंद्रभान अधिकारी ने बताया —

“हादसे के वक्त कार को एक बुजुर्ग व्यक्ति चला रहे थे। वाहन को बरामद कर लिया गया है और चालक की पहचान की जा रही है। जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”

प्रज्ञा की मां आशा सिंह ने बताया कि उनके पति की साल 2013 में दिल्ली में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद वह अपने तीन बच्चों के साथ 2015 में देहरादून आ गईं।

“प्रज्ञा मेरी सबसे बड़ी बेटी है और घर की जिम्मेदारी में हमेशा मेरा साथ देती रही है। अब उसकी ऐसी हालत देखकर मेरा दिल टूट गया है। मैं बस उसके लिए दुआ कर रही हूं।”

आशा सिंह ने बताया कि वे अस्पताल में बेटी के पास रुकी हैं, जबकि 13 साल का बेटा घर पर अकेला है और दूसरा बेटा हॉस्टल में पढ़ाई कर रहा है।


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